सर्च हिस्ट्री को खंगाला जा सकता है।
इंटरनेट पर हम बहुत कुछ सर्च करते हैं। इनमें कई चीजें बेहद पर्सनल या फिर प्रोफेशनल कामकाज से जुड़ी हो सकती हैं, जिनका खुलासा होने से नुकसान हो सकता है।
सेहत से जुड़ी बातें, मानसिक स्थिति, रुचियां, ट्रैवल लोकेशन, आप किन चीजों की शॉपिंग करना पसंद करते हैं या फिर ऐसी कौन सी चीजें हैं, जिनसे आप डरते हैं।
रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी ये ऐसी बातें हैं, जिनके बारे में अक्सर लोग ऑनलाइन सर्च करते रहते हैं। लेकिन, ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री को डिलीट नहीं करते। ऐसे में दूसरे लोग आपकी पर्सनल सर्च हिस्ट्री को खंगाल सकते हैं।
सेहत से जुड़ी बातें, मानसिक स्थिति, रुचियां, ट्रैवल लोकेशन, आप किन चीजों की शॉपिंग करना पसंद करते हैं या फिर ऐसी कौन सी चीजें हैं, जिनसे आप डरते हैं।
रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी ये ऐसी बातें हैं, जिनके बारे में अक्सर लोग ऑनलाइन सर्च करते रहते हैं। लेकिन, ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री को डिलीट नहीं करते। ऐसे में दूसरे लोग आपकी पर्सनल सर्च हिस्ट्री को खंगाल सकते हैं।
सलिए जरूरी है कि आप अपनी ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री को प्राइवेट रखें। हम जब भी इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करते हैं, वो अपने आप डाटाबेस में सेव हो जाता है, जिसे आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इस तरह आपसे जुडे़ डाटा का इस्तेमाल दूसरे लोग किसी भी तरीके से कर सकते हैं।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट या फिर बिंग समेत दूसरी कंपनियां सर्च हिस्ट्री को डिलीट करने की सहूलियत देती हैं। गूगल ने पर्सनल वेब हिस्ट्री को सर्च करने, मैनेज करने या फिर डिलीट करने को आसान बना दिया है।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट या फिर बिंग समेत दूसरी कंपनियां सर्च हिस्ट्री को डिलीट करने की सहूलियत देती हैं। गूगल ने पर्सनल वेब हिस्ट्री को सर्च करने, मैनेज करने या फिर डिलीट करने को आसान बना दिया है।
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